
उदयपुर में एक सरकारी शिक्षक और प्रधानाध्यापक पर लगे गंभीर आरोपों ने शिक्षा विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ठेकेदारी का कार्य करने वाले देवीलाल चौधरी ने जिला कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सुरफलाया में कार्यरत प्रधानाध्यापक भैरूलाल कलाल के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी प्रधानाध्यापक ने फोन पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने और अपहरण करवाने की धमकी दी। ज्ञापन में बताया किघटना 7 मई की है। देवीलाल चौधरी का कहना है कि विद्यालय समय के दौरान प्रधानाध्यापक भैरूलाल कलाल ने उन्हें व्हाट्सएप कॉल किया था। उस समय वह वाहन चला रहे थे, इसलिए कॉल रिसीव नहीं कर सके। बाद में जब वह सवीना के 100 फीट रोड पहुंचे, जहां वैगड़ा कलाल सुधार समिति के सदस्य रक्तदान शिविर को लेकर बैठक कर रहे थे, तब उन्होंने वापस फोन किया। पीड़ित का आरोप है कि फोन उठाते ही प्रधानाध्यापक ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल शुरू कर दिया। इस दौरान देवीलाल ने बातचीत को दूसरे मोबाइल में रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया, जिसे वहां मौजूद कई लोगों ने भी सुना। आरोप है कि भैरूलाल कलाल ने खुद को समाज का अध्यक्ष बताते हुए कहा कि फोन नहीं उठाने पर वह धारदार हथियार से हमला करेगा, घर पहुंचकर अपहरण करवा देगा और जान से मरवा देगा। मामले के सामने आने के बाद समाज में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि एक सरकारी शिक्षक और प्रधानाध्यापक पर इस तरह के आरोप लगना बेहद गंभीर विषय है, जिससे शिक्षा विभाग और सरकार की छवि धूमिल हो रही है। समाजजनों ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और जांच पूरी होने तक प्रधानाध्यापक भैरूलाल कलाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित या बर्खास्त करने की मांग की है। साथ ही दोष सिद्ध होने पर कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है।
12 May 2026